भूगोल विभाग मे विदाई समारोह आयोजित
भूगोल विभाग मे विदाई समारोह आयोजित
रिपोर्ट: राम प्रसाद मिश्र
सुलतानपुर। आर्य प्रयास न्यूज नेटवर्क। के.एन.आई भूगोल विभाग में विदाई समारोह आयोजित हुआ जिसमें लवकांत मिश्र मिस्टर फेयरवेल तथा प्रिन्सी तिवारी मिस फेयरवेल चुनी गईं। समारोह मे भूगोल परास्नातक द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को विदाई दी गई। कार्यक्रम भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ सुधांशु प्रताप सिंह के दिशानिर्देशन व संस्थान प्राचार्य डॉ शक्ति सिंह की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ। संस्थान प्राचार्य सहित प्रो. ओ पी सिंह पूर्व विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग एवं कला संकायाध्यक्ष रंजना सिंह बतौर मुख्य व विशिष्ट अतिथि द्वारा मां सरस्वती व बाबू के.एन.सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया गया। मंच संचालक राज दूबे व अंजली मिश्रा के आह्वान पर दोनों सेमेस्टर के विद्यार्थियों के एकल व समूह नृत्य एवं गायन प्रस्तुति ने लोंगो को मंत्र मुग्ध कर दिया। वहीं प्रिंसी तिवारी के शास्त्रीय नृत्य को सर्वाधिक सराहना मिली । कार्यक्रम मे चौथे सेमेस्टर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत शैक्षिक अनुभव व आपसी सहयोग की बात ने माहौल को भावुक बना दिया। संस्थान के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ अतुल कुमार सिंह सहित डॉ अनिल कुमार, डॉ निकहत रफीक व उपस्थित सभी अतिथि जनों ने विद्यार्थियो का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर व्यक्तित्व मूल्यांकन के आधार पर लवकांत मिश्र मिस्टर फेयरवेल व प्रिन्सी तिवारी मिस फेयरवेल चुनीं गई जिन्हें विभागाध्यक्ष सहित मुख्य अतिथिजनों द्वारा सम्मानित किया गया । कार्यक्रम मे आशिर्वचन के दौरान मुख्य अतिथि प्रो. ओ पी सिंह ने सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम को मुख्य बताया। वहीं विशिष्ट अतिथि रंजना सिंह ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की बात कही। अध्यक्षीय उद्बोधन मे संस्थान प्राचार्य ने कहा कि विदाई निरंतरता का प्रतीक है जो छात्रों को शिखर तक ले जाएगा। इस अवसर पर भूगोल विभागाध्यक्ष सुधांशु प्रताप सिंह व डॉ नम्रता वर्मा तथा मि अतुल कुमार वर्मा आदि ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं विद्यार्थियों को हरसंभव विभागीय मदद करने का भरोसा दिलाया। इस विदाई समारोह के कुशल प्रबंधन मे इरम अंसारी अंशिका मिश्रा नंदनी अंशिका दुबे सोमेश राहुल राज सत्यम व राजीव का योगदान काबिले तारीफ रहा। विभागीय स्तर पर मि राम शब्द का सहयोग भी अति महत्वपूर्ण रहा।

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