पत्रकारिता करने से शिक्षक की नौकरी पर रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पत्रकारिता करने से शिक्षक की नौकरी पर रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला रिपोर्ट:देव कुमार पाण्डे लखनऊ। आर्य प्रयास न्यूज नेटवर्क ।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के लिए पत्रकारिता करना सेवा नियमों के खिलाफ नहीं है। अदालत ने कहा कि लागू नियमों में ऐसी कोई मनाही नहीं है, जिसके आधार पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। न्यायमूर्ति जस्टिस इरशाद अली ने अपने निर्णय में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 बेसिक शिक्षा के शिक्षकों पर लागू नहीं होती। उनकी सेवा शर्तें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियम 1981 के तहत संचालित होती हैं, जिनमें पत्रकारिता करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मामला एक सहायक शिक्षक से जुड़ा था, जिन्हें पत्रकारिता करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था और बाद में उन्हें जूनियर बेसिक स्कूल से प्राथमिक विद्यालय में पदावनत कर दिया गया। हाईकोर्ट ने पाया कि कारण बताओ नोटिस के बाद शिक्षक को न तो उचित सुनवाई का अवसर दिया गया और न ही गवाहों से जिरह (क्रॉस एग्जामि...