बरसावां में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुकदेव जन्म प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन
बरसावां में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुकदेव जन्म प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन रिपोर्ट: पीपी सिंह सुल्तानपुर। आर्य प्रयास न्यूज नेटवर्क । जिले के बल्दीराय तहसील क्षेत्र अंतर्गत बरसावां गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा यजमान सरस्वती शुक्ला एवं राम मनोरथ शुक्ल के निज आवास पर भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत माहौल देखने को मिला। अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक श्याम सारथी जी महाराज ने शुकदेव जी के जन्म प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कलयुग में श्रीमद्भागवत महापुराण कल्पवृक्ष से भी श्रेष्ठ है, जो अर्थ, धर्म, काम के साथ-साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान कर जीव को परम पद तक पहुंचाती है। यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है, जिसके प्रत्येक अक्षर में भगवान का वास है। महाराज ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण दान, व्रत और तीर्थ से भी बढ़कर है। इसके ध्यानपूर्वक श्रवण और आत्मसात करने से धुंधकारी जैसे महापापी का भी उद्धार संभव है। उन्होंने कहा कि मनुष्य से गलती होना स्वाभाविक है, लेकिन समय रहते सुधार न करना उसे पाप की श्रेणी में ले जाता है। कथा के ...