भागवत कथा में सुनाया गया श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह का प्रसंग : सुन्दर झांकी देख भाव विभोर हुए लोग

 


भागवत कथा में सुनाया गया श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह का प्रसंग : सुन्दर झांकी देख भाव विभोर हुए लोग


रिपोर्ट: अभिषेक तिवारी 


 गौरीगंज अमेठी। आर्य प्रयास न्यूज नेटवर्क। पूरे शिवदास गुड्डूर (खलवा का पुरवा) टिकारियां गौरीगंज अमेठी   में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में  कथावाचक ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी के विवाह की कथा का वर्णन किया। कथा सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा कृष्ण-रुक्मणी विवाह से जुड़ी मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। जिसे देख पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। भजन गीतों से सुरों में सभी श्रोता झूमने लगे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए, यदि अटूट विश्वास है तो भगवान हर स्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। कथा व्यास पूज्य श्री अनुज जी महाराज साहित्यरथी ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणी के साथ संपन्न हुआ। लेकिन रुक्मणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया। इस कथा में समझाया गया कि रुक्मणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती हैं। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो बहुत प्रभावित हुईं और मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया।कथा व्यास जी ने बताया रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था। इसीलिए श्रीकृष्ण ने हरण कर रुक्मणी से विवाह किया। कथा व्यास के मुख से विवाह का विस्तार वर्णन सुनकर श्रद्धालु गदगद हो उठे। कथा के दौरान संगीतमय भजन गीतों से देर रात तक माहौल भक्तिमय बना रहा। मेरे सरकार का दीदार बड़ा प्यारा है, मेरे कृष्ण का नाम बड़ा प्यारा है, भजन सुन सभी झूमने लगे। आरती में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बीच बीच मे जयघोष से वातावरण गुंजायमान होता रहा।


आयोजक पारस नाथ मिश्रा जी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।मुख्य यजमान पारस नाथ जी के द्वारा बताया गया कि इस कथा को सभी लोग जो नहीं आ पा रहे है वह इसका सीधा प्रसारण अपने घर पर लाइव पूज्य अनुज साहित्यरथी जी महाराज सुल्तानपुर के ऑफिशियल चैनल पर देख सकते है। इस मौके पर  राजा मिश्रा, अमरनाथ मिश्रा, शिवशंकर मिश्रा माखन, अमित, अनुज,  तनुज , बृजेश द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।

Comments

Popular posts from this blog

गुमशुदा की तलाश

अधिक से अधिक शेयर करें क्यों कि आपका सहयोग जीवन का आधार बन सकता है

सच्चाई दिखाने पर पत्रकारों को जान से मारने की धमकी व मानसिक रूप से लगातार किया जा रहा है परेशान