दबंगों का कहर: पुरानी रंजिश में युवक की मौत, पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
दबंगों का कहर: पुरानी रंजिश में युवक की मौत, पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
बल्दीराय/सुल्तानपुर। आर्य प्रयास न्यूज नेटवर्क। बल्दीराय थाना क्षेत्र के टडरसा मजरे ऐंजर में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। दबंगों के हमले में गंभीर रूप से घायल सिकंदर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम गांव के ही गजेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, श्याम सिंह और बलराम सिंह गाली-गलौज करते हुए दरवाजे पर चढ़ आए और मारपीट की। घटना की सूचना डायल 112 और देहली चौकी को दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों के हौसले बढ़े और 20 अप्रैल की भोर में उन्होंने दोबारा हमला कर दिया। इस हमले में सिकंदर सिंह, कांति देवी और भूपेंद्र सिंह को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। गंभीर हालत में सिकंदर सिंह को अयोध्या ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पीड़िता कांति देवी का आरोप है कि पुलिस ने उनकी तहरीर लेने में भी देरी की और पहले विपक्षियों का मुकदमा दर्ज किया। इससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले से आपराधिक मामलों में लिप्त हैं, इसके बावजूद उन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
बड़ा सवाल: क्या टल सकती थी मौत?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि 19 अप्रैल को मिली सूचना पर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो यह घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं।
गांव में आक्रोश, परिजनों की मांग
घटना के बाद गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है। परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
थाना प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, पीड़िता की तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सिकंदर सिंह की मौत के बाद धाराएं संशोधित कर दी गई हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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